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घोटाले पर घोटाले —

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‘घोटाले  पर   घोटाले ‘ खुल  रहे  हैं  , ‘रात-दिन  इस  देश  मैं ‘ ,

‘किसी   को   सज़ा  नहीं   होती ‘, ‘कानून   का   डंडा   ठंडा  है ‘ ,

‘डाका  डालते   हैं ‘, ‘मुछें  मरोड़ते  हैं’,’शान से घूमते  है  देश मे ‘,

‘कोई  मरे  कोई  जिये’ ‘हमारा  सिर कढ़ाई  मे’ , ‘देखिये  इस  देश में’ |

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