गुलाब

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‘किसी  के  नजदीक  आने  पर’ ‘ बदबू  भी  खुशबू  में  बदल  जाए ‘ ,

‘काँटों  भरी  सेज़   हो  हर  तरफ ‘, और ‘ खिलखिलाए  हर घड़ी ‘,

‘दर्दे  दिल’ , ‘दर्दे  सवा ‘, ‘सर्द  हवा ‘ या ‘ उफनती  गर्मी ‘-जहां  बहे ,

‘जो    मुस्करा  कर’ ‘ इस्तकबाल  करे सबका ‘,’वो  ही  गुलाब है’  |

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