Home कैरियर सलाह गर्व किस बात का – इन्सान बनों

गर्व किस बात का – इन्सान बनों

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‘ना  तो  शक्लों -सूरत   वही  रहती ‘, ‘ न   दौलत’   ‘ हमेशा    साथ    देती   है ‘,

‘आज    तख्त    है   तो    कल    तख़्ता ‘,  ‘गर्व ‘ ‘ किस   बात   का   करते    हो ‘  ,

‘प्रयास   करो ‘ – ‘सत्य ‘, ‘प्रेम’ , ‘करुणा ‘,  ‘भाई-चारा ‘  ‘दिन-रात  बढ़ता   रहे ‘ ,

‘खुद गर्जी ‘   तथा  ‘ विपरीत ‘ ‘ चालों    को    त्यागो  ‘, ‘ सही   इन्सान    बनों ‘   |

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