Home कविताएं धार्मिक कविताएँ ‘कोई मान दे या अपमान दे’ , ‘आनंद के आनंद का’ ‘ आनंद लो

‘कोई मान दे या अपमान दे’ , ‘आनंद के आनंद का’ ‘ आनंद लो

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‘कोई मान दे या अपमान दे’ , ‘आनंद के आनंद का’ ‘ आनंद लो’ ,
‘सामने शत्रु /मित्र कोई भी हो’ , ‘गदगद रहो’ ,’ सम भाव से देखो उन्हें’ ||

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