Home कविताएं ‘कुछ सुविचार -आपको आनंदित कर देंगे ‘|

‘कुछ सुविचार -आपको आनंदित कर देंगे ‘|

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[1]

‘जीवन  को  ‘गुलाब’ की  भांति  समझ’ ,
‘स्नेह’  को  उसका  शहद ‘,
‘शहद’  को  भँवरे  की  तरह  से  चख’ , 
‘आनंद  में  गोते  लगा ‘|

[2]

‘अहंकार  में  जीता  है ‘ ‘संस्कार’  में   पला  नहीं ‘,
‘बेपैंदी  का  लोटा  है ‘तू  किसी  काम  का  नहीं ‘|

[3]

‘गर्द-गुब्बार  था  चारों  तरफ’ ,
‘त्राहि  त्राहि  का  शोर  था ‘,
‘मेरी  फितरत  थी  मुस्कराने  की’ ,
‘खिलखिलाता  चला  गया ‘|

[4]

‘समय’  को  समय  चाहिए ‘,
‘सब  कुछ  बदलता  है ‘,
‘न  ‘मैं’-मैं  रहूँगा ,’न  तुम ‘तुम  रहोगे’,
‘एकाकार  भी  हो  जाएंगे ‘|

[5]

‘आँधियाँ  क्या  चली  , सब  कुछ   धराशायी  हो  गया  ‘,
‘जो ,उस  समय  भी  झुका  रहा ‘,’आज  भी  खड़ा  है ‘|

[6]

‘वो  तुम्हारी  ‘परवाह’  करता  रहा’,
‘तुम  ‘लापरवाह’  बने  रहे ‘,
‘अहसास  का  हीरा  गवां  दिया ‘,
‘अब  पछताए  क्या  होत ‘|

[7]

‘अहंकारी’  सदा  दूसरे  से  माफी  मांगने  की  उम्मीद  करता  है ‘,
‘स्नेही’ चाहे-अनचाहे ‘ माफी मांग  कर”अहोभागी  समझता  है ‘|

[8]

‘जो  परेशानियों  से  लड़ता  नहीं’ ,
‘एक  हारा  हुआ  प्राणी  है ‘,
‘साहस’  वो  नज़ीर  तोहफा  है’ ,
‘जो  हारने  नहीं  देता  कभी ‘|

[9]

‘जिंदगी  तो  हम  सरलता  से  जी  सकते  हैं,
‘सस्ती  भी  है’,
‘हमने  जीने  के  शौक  महंगे  कर  लिए’,
‘तो  कोई  क्या  करे  बता ‘|

[10]

‘किस्मत  की  लकीरों  को  ‘मेहनत  का   पानी ‘ बदल  सकता  है ‘,
‘बिना  हाथ  हिलाये  तो  नवाला  भी   मुंह   में   नहीं   जाता ‘|

[11]
‘दुआएं  कुछ  ऐसे  करो ‘,
‘मुसीबतों  का  जाल  कट  जाए ‘,
‘कई  बार  हवाएँ  भी ‘,
‘मौषम  का  मिजाज  बदल  देती  हैं ‘|

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