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‘कुछ सारगर्भित छंद ‘ मन को छु लेंगे !

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[1]

‘सब कुछ ठीक  है’  कहने का  मतलब यह नहीं कि  दर्द है ही नहीं ‘,
‘हकीकत ये  है  कि  वो  दर्द  से  ऊपर  होकर  जीना  सीख  गए  हैं ‘|

[2]

‘जो ज्ञान की दौलत कमाता है’ ,
‘फिर उसका सदुपयोग करता है ‘,
‘उससे बड़ा कोई संत नहीं’ ,
‘प्रभु ! उसे अपने गले लगाते हैं ‘|

[3]

‘मुस्कराता चेहरा ‘और ‘उत्साही मन’,
‘श्रेष्ठ अभिनय समझ अपना ‘,
‘जबर्दस्ती जीना हस्ती मिटा देगा ‘,
‘जिंदा लाश मानिद समझ खुद को ‘|

[4]

‘जीने का ढंग सही न हो तो’ ,
‘मन मेले मे भी अकेला है ‘,
‘मदमस्त हो जीने लगे तो ‘,
‘हर पल यादगार बन जाएगा तेरा ‘|

[5]

‘जीवन में जंग जरूरी है’ ,
‘जीत गए तो अच्छा ‘,
‘हार गए तो कुछ सीख जाओगे ‘
‘जीवन’ भी इसी का नाम है ‘|

[6]
‘कभी ‘अंदाज’ लगाना भी गलत,’
‘लुका-छिपी का खेल है जीवन’
‘बिना समझोता किए हम जी नहीं सकते’|                                                                                                                                                                        ‘कभी ‘नज़र-अंदाज़’ करना गलत तो ,

[7]

‘गंदे कमंट्स मिलने से प्रेरणा मिलती है’,
‘अपना कार्य सुंदरता से करें’,
‘उन्हें नज़र-अंदाज़ न करें,
‘नई ऊर्जा से जीवन संवारते रहें ‘|

[8]

‘संसार में कोई ऐसा प्राणी नहीं ,
‘जो असफल न हुआ हो ‘,
‘हर परीक्षा ‘आत्मविश्वास’ से दें ,
‘सफलता कदम चूमेगी ‘|

[9]

‘छोटा-बड़ा कुछ भी नहीं होता’ ,
‘केवल मन का छलावा है ‘,
‘समभाव में जीना जान गए तो’,
”आराम से कट जाएगा जीवन ‘|

[10]

‘इच्छाओं का गला घुट गया’,
‘तो मरने को तैयार ‘,
‘कमजोर रह कर जीने से बेहतर,’ 
‘जुझारू बन कर जी जाना ‘|

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