Home Uncategorized “कुछ सामान्य छंद जो अनेक पहलुओं को दर्शाते हैं ‘ |

“कुछ सामान्य छंद जो अनेक पहलुओं को दर्शाते हैं ‘ |

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[1]

‘जहां धूप नहीं आती वहाँ डाक्टर आते हैं’,
‘प्रकाश रहित स्थान बीमारियों का घर है’ ,
‘प्रातःसूर्य-स्थान स्वास्थ्य वर्धक होता है’,
‘किरणें रुग्ण अंगों को बल प्रदान करती हैं’ |

[2]

‘समय  बहते  पानी  सरीखा  है’ ,’बहता  पानी  कभी  रुकता  ही  नहीं’ ,
‘बीता समय भी नहीं लौटता’,’चलो वर्तमान का आनंद ले लिया जाए ‘|

[3]

‘आस्था को जर्जर बना कर डाल रक्खा है,’गजब देशवासी हैं हमारे ,’
‘जो सबकी सुनता है उसी  की अदालत में  हमारा  केस  दाखिल  है ‘|

[4]

‘रात  कितनी भी  काली  हो ,’सूरज  तो  निकलता  है ,’
‘किरणें अहसास कराती हैं हमें ‘,’जिंदगी खूबसूरत है ‘|

[5]

 

 ‘दोस्ती  रूपी  दीपक’  को  सदा ‘जलाए  रखना  चाहिये ,’
‘सबके दिल और दिमाग की उलझनों का वो ही सहारा है ‘|
[6]
 
 ‘सुख तो आया परंतु अहंकार साथ ले आया ‘,’ दुःख इतना मिला आस्था ही हिल गयी मेरी ,’
‘प्रभु ऐसी कृपा कर दो’ ‘सुख-दुःख तो मिलें पर अहंकार न आए’,’आस्था कमजोर न हो जाए ‘|
[7]
 
 ‘सभी जानते हैं चावल जितना पुराना होगा”उतना ज्यादा स्वादिष्ट होगा ,’
‘हमारा पुराना होने का खयाल मत करो’, ‘स्नेह परवान चढ़ता जाएगा ‘|
[8]
‘भेड़िये और इन्सानों’ में आज तक इतिहास में  किसी संधि का  जिक्र नहीं ,’
‘इंसान ने  जब भी  ऐसा करने का  प्रयास  किया ‘,’केवल  मात  ही  खाई  है ,’
‘नाग को वो ही धारण करता है’,’जिसमें  तांडव  करने की  छमता  बहुत हो’ ,
‘विषधर क्या कर बैठे’,’ विधाता भी नहीं जानता’ ‘,जागरूक रहना जरूरी है ‘|
[9]
‘तुम पूरी नशेमन हो’,’भला  तुम्हें  कौन  बहका  सकता  है ‘?
‘हम ही काठ के उल्लू हैं जो’ ,’खिंचे चले आते हैं तेरी तरफ ‘|
[10]
‘कोई  मुझे  याद  करता  है  या  नहीं’ ,’यह  फलसफा  नहीं  है  मेरा ,’
‘मैं अपनों के दिल में जगह बनाए रक्खूँ’,’बस इतनी तमन्ना है मेरी ‘|
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