Home कविताएं “कुछ समझने का प्रयास उत्तम है ” !

“कुछ समझने का प्रयास उत्तम है ” !

3 second read
0
0
970

[1]

‘हर  गम  को  जमीदोज़  करते  चलो’ ,’बस  मुस्कराना  मत  भूलना ,’
‘न  मिल  पाएँ  तो  कोई  बात  नहीं’ ,’मित्रता  का हाथ  बढ़ाए  रखना ‘|

[2]

‘ तू  कमाऊ  पूत  है ‘ ,  ‘ दुनियाँ  की  हर  चीज  खरीद  सकता  है ‘ ,
‘फिर भी-‘माँ जैसी ममता’और ‘बाप जैसा साया’ ‘ढूँढता रह जाएगा ‘|

[3]

‘चिड़चिड़ापन-मन बेचैन करता है’,’आँखों की चमक खत्म हो जाती है ,’
‘भूख  नहीं  लगती’ , ‘अरुचि  सवार  हो जाती  है ‘, ‘ मन  नहीं  लगता ,’
‘मनोभावों को  ‘-‘सेहत  और  शरीर  पर’ ‘ हावी  मत  होने  देना  कभी ,’
‘हर  परिस्थिति , काम व  बात का  आनंद  उठाइये’ ,’बस  मुस्कराइए ‘|

[4]

‘बिना  कुछ  खर्च  किए  ‘रिस्ते,दोस्त, और वक्त’  मिल  गए  तुझको ,’
‘जब इनमें से कुछ भी खो गया”कीमत का अंदाज़ हो जाएगा तुझको ‘|

[5]

‘ऐ  हसरतों  ! यहाँ  मत  टिको’ ,’यहाँ  एक  विश्वास  रहता  है’ ,
‘तुम्हें  भी  पूरी  कर  लेगा’; ‘पूर्ण  विश्वास  में  भी ‘जी’  लेगा ‘|

 

 

Load More Related Articles
Load More By Tarachand Kansal
Load More In कविताएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

[1] जरा सोचोकुछ ही ‘प्राणी’ हैं जो सबका ‘ख्याल’ करके चलते हैं,अनेक…