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कुछ करो – देश भक्ति कविता

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‘तिरंगे की पहचान’‘काफी नहीं नहीं है’,‘देश के लिए’ ‘आगे बढ़ने की जरूरत है’ ,

‘हिम्मत  करो’, ‘कुछ  ऐसा  करके दिखाओ’ , ‘ देश को  गर्व  हो  तुम  पर’ ,

‘ज़िंदगी में’ ‘जिसके  होंसले  पस्त  हुए’ , ‘फेल  हो  गया  समझो  उसको’ ,

‘ज़रा उलझनों  से’  ‘उलझना  सीख  लो’ ‘,किस्मत  चमक  जाएगी  तेरी’

 

 

‘तिरंगे  को’ ‘हवा में थिरकते देख’, ‘नशों  मे नई रवानी’ ‘कोंध जाती है’ ,

‘मेरा दिल’-‘ देश-भक्ति  भावना  के साथ’ ‘ हिलोरे  मारने लगता है’ ,

‘जो  जवान’- ‘बार्डर  पर  तैनात  हैं’, ‘अपना  कौशल  दिखाते  हैं ‘,

‘हम भारतवासी’, ‘नत-मस्तक हैं’ ‘जांबाजी पर उनकी’ , ‘उनको सलाम है’

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