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कामयाब होसलों का इशारा

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“ना-कामयाब” और “कामयाब” “इंसान” में सिर्फ “यह अंतर” है ,
“एक पर” “वक्त हावी ” है,तो “दूसरा” “वक्त पर हावी” हो जाता है ,
“एक को” “मुस्किले” “खा जाती ” हैं,”दूसरा” “मुस्करा कर” “हवा मे उड़ा” देता है
“वक्त पर” “हावी होना सीखिये”, “कामयाब होसलों ” का “कामयाब इशारा ” है |

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