Home कविताएं देशभक्ति कविता उज्जवल भविष्य तुम्हें निहार रहा है

उज्जवल भविष्य तुम्हें निहार रहा है

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‘हमारे   देश   में’   ‘स्मार्ट  सिटि’ , ‘स्टार्ट अप ‘,’डिजिटल  अर्थ व्यवस्था’ ,

‘रक्षा’ ,’विनिर्मान’  ,’वैज्ञानिकी ‘ आदि  ‘अनेक  व्यवस्थाएं  चालू  हुई  हैं ‘ ,

‘आज  भारत’  ‘दुनियाँ  की  सबसे  तेज़ी  से  बढ़ती’   ‘अर्थ  व्यवस्था   है ‘,

‘देश वासियों ‘! ‘सहयोग  दो ‘, ‘उज्जवल   भविष्य ‘  ‘तुम्हें  निहार  रहा  है ‘ |

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