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‘आस्था का चमत्कार ! एक मार्मिक प्रसंग !

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आस्था_का_चमत्कार…🙏🙏 बहुत ही सुंदर और मार्मिक प्रसंग

मासूम गुड़िया बिस्तर से उठी और अपना गुल्लक ढूँढने लगी…
अपनी तोतली आवाज़ में उसने माँ से पूछा, “माँ, मेला गुल्लक कहाँ गया?”

माँ ने आलमारी से गुल्लक उतार कर दे दिया और अपने काम में व्यस्त हो गयी.

मौका देखकर गुड़िया चुपके से बाहर निकली और पड़ोस के मंदिर जा पहुंची.

सुबह-सुबह मंदिर में भीड़ अधिक थी…. हाथ में गुल्लक थामे वह किसी तरह से बाल-गोपाल के सामने पहुंची और पंडित जी से कहा, “बाबा, जला कान्हा को बाहल बुलाना!”

“अरे बेटा कान्हा अभी सो रहे हैं… बाद में आना..”,पंडित जी ने मजाक में कहा.

“कान्हा उठो.. जल्दी कलो … बाहल आओ…”, गुड़िया चिल्ला कर बोली.

हर कोई गुड़िया को देखने लगा.

“पंडित जी, प्लीज… प्लीज कान्हा को उठा दीजिये…”

“क्या चाहिए तुमको कान्हा से?”

“मुझे चमत्काल चाहिए… और इसके बदले में मैं कान्हा को अपना ये गुल्लक भी दूँगी… इसमें 100 लूपये हैं …कान्हा इससे अपने लिए माखन खरीद सकता है. प्लीज उठाइए न उसे…इतने देल तक कोई छोता है क्या???”

“ चमत्कार!, किसने कहा कि कान्हा तुम्हे चमत्कार दे सकता है?”

“मम्मा-पापा बात कल लहे थे कि भैया के ऑपरेछन के लिए 10 लाख लूपये चाहिए… पल हम पहले ही अपना गहना… जमीन सब बेच चुके हैं…और नाते-रिश्तेदारों ने भी फ़ोन उठाना छोड़ दिया है…अब कान्हा का कोई चमत्काल ही भैया को बचा सकता है…”

पास ही खड़ा एक व्यक्ति गुड़िया की बातें बड़े ध्यान से सुन रहा था, उसने पूछा, “बेटा क्या हुआ है तुम्हारे भैया को?”

“ भैया को ब्लेन ट्यूमल है…”

“ब्रेन ट्यूमर???”

“जी अंकल, बहुत खतल्नाक बिमाली होती है…”

व्यक्ति मुस्कुराते हुए बाल-गोपाल की मूर्ती निहारने लगा…उसकी आँखों में श्रद्धा के आंसूं बह निकले…रुंधे गले से वह बोला, –
अच्छा अच्छा तो तुम वही लड़की हो– कान्हा ने बताया था कि तुम आज सुबह यहां मिलोगी– मेरा नाम चमत्कार ही है–

– लाओ गुल्लक मुझे दे दो और मुझे अपने घर ले चलो।

वह व्यक्ति लंदन का प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन था और अपने मां बाप से मिलने भारत आया हुआ था।

उसने मात्र गुल्लक के सो रुपए से ट्यूमर ऑपरेशन करके गुड़िया के भैया को ठीक कर दिया।

सचमुच अगर आप में अटूट श्रद्धा हो और आप कोई नेक काम करना चाहते हो तो —कृष्णा किसी न किसी रूप में आपकी मदद जरूर करते हैं।

यही है —आस्था का चमत्कार!

स्वजनों भले ही यह एक काल्पनिक कहानी है लेकिन कई बार सत्य कल्पना से भी परे होता है और दुनिया में ऐसी हजारों लाखों घटनाएं हैं, जहां असंभव से लगने वाली चीजें भी विश्वास के दम पर संभव बन जाती हैं।

इसलिए ईश्वर मे यकीन करते हुए अपने लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत करिए–

– क्या पता एक दिन आपके लिए भी कोई चमत्कार हो जाए या आप किसी और के लिए चमत्कार कर दें।

जय राधे कृष्णा

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