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“आशाओं के बोझ तले मत दबो “

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“आशाओं के बोझ तले मत दबो “,” अपना लक्ष्य खुद निर्धारित करो “,
“खुद से स्पर्धा करो “,” हर बार ज्यादा बेहतर करो “,”तुम्हें कौन रोकेगा ” ?
“संतोष हेतु’ – ” किसी और से अपेक्षा से ‘, “आंतरिक संतोष बेहतर है “,
“समर्पण और प्रतिबद्धता” से’ आगे बढ़ो’, “मन चाहा ही मिल जाएगा ” |

 

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