Home ज़रा सोचो ” आरक्षण” देश के लिए हित कारक नहीं है !

” आरक्षण” देश के लिए हित कारक नहीं है !

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“आरक्षण” “शब्द” “होशियार” और “मेहनती” “आदमियों” को “हताश” करता है ,
आज  के “सभ्य  समाज” के  लिए , ऐसी ” मांग” ” नाजायज” है, “नाइंसाफी ” है ,
” हर  व्यक्ति ” को “समांतर” ‘सुविधाएं” , ” प्रशासन ” की  और  से “उपलब्ध ” हैं ,
“आरक्षण” से “नहीं”-“साक्षारता” से “उन्नति ” की और “बढ़े”,”ऊँचे आधार”बने |

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” आरक्षण ” ”  छोड़ो  ” , ” अच्छी  शिक्षा ” प्राप्त  करो , ” कुछ   करके ” दिखाओ ,
”  हमें  ” ” भीख ”  नहीं  चाहिए ,” कुछ   करके  दिखाने  ”  का  ” मौका ” चाहिए ,
“देश” के “सामने” -“अनेकों समस्याओं” से “निबटने” का “अभियान” सामने है ,
“थोड़ा-थोड़ा” “सभी मिलकर” इस “अभियान”को “पंख” लगाओ, “आगे”बढ़ाओ |

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