Home ज़रा सोचो ” आरक्षण ” की नीति से देश को बचाओ ” ! कुछ कीजिये सरकार ?

” आरक्षण ” की नीति से देश को बचाओ ” ! कुछ कीजिये सरकार ?

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आरक्षण ” से देश को बचाओ :-:-
“हम  सभी  कहते  हैं ‘ ‘बेटियाँ  मारोगे  तो  बहू  कहाँ  से  लाओगे ” ?
“मैं कहता हूँ “,” प्रतिभा ‘ को मारोगे””तो ‘प्रगति’ कहाँ से लाओगे “,
‘आरक्षण’ देते  रहोगे” तो  ‘विकास’ का” मार्ग  अविरुद्ध  ही  जानों “,
“राजनीतिज्ञों “! ‘आरक्षण’ ‘ समाप्त कर इस देश को बचा लो अब” |

[2]

 

” आरक्षण ” की महिमा :-
“आरक्षण’  पर  हमारी  खामोशी ” “हमारे  बुरे  दिनों  का  इशारा  है  “,
“‘कामचोर’ राज़ा हो जाएंगे” और ‘कर्मकार’ “भीख मांगने को मजबूर” |

[3]

“आरक्षण ” हमारी लंका दहन कर देगी :-
‘सपूत’  के  अधिकार ‘कपूत’  को  दे  दो’ , ‘आरक्षण’  की  विधा  पूरी’ ,
‘रावण’ ‘लंका  के  राज़ा बने’ तो ‘सोने  की  लंका जलवा दी थी उसने’ ,
‘अब ‘राम ‘तो पैदा  नहीं  होते’ , ‘ घर-घर  में  रावण  दिखाई  देते  हैं” ,
“सभी एकसार दिखाई देते हैं”,”भारत की लंका जल्दी दहन कर देंगे” |

[4]

‘सवर्ण को दलित’ में बदल दो फिर आरक्षण करो :-
“दलित एक्ट” ,”फीस आरक्षण” ,”पदोन्नति आरक्षण” ,”एडमीशन आरक्षण” ,
“नौकरी आरक्षण” , “अनेकों अन्य  आरक्षण  हैं”,” मैं ‘सवर्ण  कहाँ  जाऊँ बता” ,
“दिल  में ‘आरक्षण  की  बर्छी ‘  घोंप  दी  जाती  है” ” दर्द  नाम  की  चीज  नहीं “,
‘हर  सवर्ण  को” “दलित  में  बदल  डालो”,”जिंदा रहने का रास्ता मिल जाएगा “|

[5]

‘जाति प्रमाणपत्र ” “पंजीकृत भिखारी” “बनाने का जरिया नज़र आता है” ,
“कुछ काम  कर  के  खाने  को” ” प्रोत्साहित  क्यों नहीं करता यहाँ  कोई” ?

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