Home जीवन शैली आँसू तो पूंछ किसी के

आँसू तो पूंछ किसी के

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‘अपने    जीवन    के    लम्हों ‘   को   ‘ संवार    ले , ज़रा    संभल ‘ ,

‘बैर’,  ईर्ष्या ‘, ‘नफरत’, और   ‘हिंसा’   में   ‘व्यर्थ  फंसा   बैठा   है’ ,

‘एक-दूसरे  के  काम आ’,’गिरते  को  उठा’,’आँसू  पोंछ  किसी  के’ ,

‘मुस्कराता   चल ‘, ‘ जीवन   का    कल्याण  ‘   हो    ही    जाएगा  |

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