Home कैरियर अभिवायकों | अपने बच्चों पर दया करें , पढ़ाई के साथ खेलने और आराम करने का समय भी दें ‘|

अभिवायकों | अपने बच्चों पर दया करें , पढ़ाई के साथ खेलने और आराम करने का समय भी दें ‘|

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अभिभावक   ध्यान   से   पढ़ें
एक   समाचार
10   वर्षीय   छात्र   की   हार्ट   अटैक   से   मृत्यु
कारण   डॉक्टरों   ने   बताया   है   कि
1:- बच्चे   को   सुबह   कच्ची   नींद   में   उठाना
(नींद   पूरी   नही   होना)
2:- बगैर   नाश्ता   करवाये  स्कूल   भेजना
3:-बच्चे   के   कुल   वजन   से   ज्यादा   स्कूल   बैग   ले   जाना
4:-स्कूल   का   होमवर्क   कम्प्लीट   न   होने   पर   टीचर   का   प्रेशर
5:- ठंडा   लंच   न   खा   पाना
6:-स्कूल   से   आते   ही   नहाना  , जबरन   भोजन   करवाना
7:-बगैर   आराम   किये   घर   में   होमबर्क   कम्प्लीट   करने   का   फिर   बच्चे   पर   प्रेसर
*इत्यादि   इत्यादि   इत्यादि  *
अभिभावकों   क्या   4 – 6   वर्ष  के   बच्चे   को   अभी   डॉक्टर ,   इंजीनियर  , sp  ,   कलेक्टर   बना   देँगे   ?
आप   देखो   आप   कितने   पढे   लिखे   है   एवं   आपने   कब   स्कूल   जाना   शुरू   किया  ,   आप   उस   मासूम   बच्चे   की                     जान   के   पीछे   क्यों   पड़े   है  !
हम   केवल   एक   दूसरे   की   होड़   में   बच्चों   का   बचपन   मार   रहे   है   !
आप   जवान   है   आप   अगर   मर्द   है   तो   सुबह   5   बजे   उठ   कर   ढाई   बजे   तक   रेगुलर   काम   करके   दिखाए   और                 फिर   भोजन   करके   तुरन्त   फिर   काम   करके   दिखायें   !
छोटे   से   मासूम   बच्चों   के   साथ   इतना   अन्याय   जो   आज   पूरा   देश   कर   रहा   है   क्या   सही   है  ?
अपने   दिल   पर   हाथ   रख   कर   विचार   करिए  | आप   एक   मासूम   के   साथ   कितना   अन्याय   कर   रहे   है   |  हम   बच्चों           का   बचपन   और   उनकी   स्वाभाविक   विकास   प्रक्रिया   से   वंचित   कर   रहे   हैं   |
प्रिय   अभिभावकों   से   निवेदन   है   कि   इन   मासूम   बच्चों   पर   दया   करें   !   आराम   और   खेलने   का   पर्याप्त   समय   दें  ।
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