Home ज़रा सोचो ‘अपमान मत कर किसी का’ , ‘वह कर्जा समझ कर’ ‘ झेल जाता है’

‘अपमान मत कर किसी का’ , ‘वह कर्जा समझ कर’ ‘ झेल जाता है’

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‘अपमान मत कर किसी का’ , ‘वह कर्जा समझ कर’ ‘ झेल जाता है’ ,
‘मौका मिलते ही’ ‘वह कर्जदार ‘ , ‘ब्याज समेत उसको उतार देता है ‘ |

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