Home ज़रा सोचो ‘अच्छी सोच’ ‘हमारा सब कुछ सुंदर बना देती है ‘ !

‘अच्छी सोच’ ‘हमारा सब कुछ सुंदर बना देती है ‘ !

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[1]

‘किसी  से  दिल  नहीं  मिलता’ ,
‘कोई  दिल  से  नहीं  मिलता ‘,
‘अंदर  से  खोखले  हैं  सभी’ ,
‘दिल  की  दीवारों  में  पानी  है ‘|

[2]

‘कम  शब्दों  में  अधिक  समझाओ’ ,
‘रूठों  को  मनाओ, उत्कंठा  जगाओ ‘,
‘खुद  जियो  और  सबको  जीना  सिखाओ’ ,
‘यही  फंडा  है  जीवन  का ‘|

[3]

‘पहाड़  पर  तप  तो  कर  लोगे’ ,
‘ग्रहस्थ  में  धीरज  धारण  नहीं  होता ‘,
‘हमारे  बोल , हमारे  कर्म ,और  हमारी  सोच’,
‘हमारा  भाग्य  लिखते  हैं ‘|

[4]

‘अनेकों  बार  गिर  कर  भी  खड़ा  हो  गया ,’ हारा  नहीं ‘,
‘ऐ  जिंदगी !  मेरी  हौसला  अफजाई  तो  कर  दे  ज़रा ‘|

[5]

‘गलत  को  गलत  कहने  की  हिम्मत  नहीं , ‘तो  तू  भी  गलत ‘,
‘ सही  को  सही  बताना  तो ‘ ,’ मियां  मिट्ठू  की  कहानी  है ‘|

[6]

‘उसको’  दिल  में  जगह  दे  दी  तो ,
‘हर  टूटा  तार  जुड़ता  जाएगा ‘,
‘जब  ‘उसकी’ रहमत  बरसती  है ,
‘तूफान  भी  रास्ते  बदलते  हैं ‘|

[7]

‘कभी अपनों  से  ठन  जाए ‘,
‘नम्रता  का  दामन  पकड़  लेना ‘,
‘कई  बार  हार  स्वीकारना  भी’ ,
‘आनंदित  किए  बिना  नहीं  रहता ‘|

[8]

‘अपनी  गल्तियों  पर  हंसों  परंतु  कुछ  सीखते  भी  जाओ ‘,
‘परेशानियाँ  ही  तो  तुम्हें  सही   जीना   सिखाती   हैं ‘|

[9]

‘दो  दिनों  का  मेला  और  इतने  झमेले ‘,
‘कैसे  जीते  हैं  लोग ‘?
‘कब ,कौन ,कहाँ  बिछुड़  जाए  पता  नहीं’ ,
‘जी  भर  कर  जीने  लगो ‘|

[10]

‘आँख  बंद  करके  किसी  पर  विश्वास   कितना  घातक  है ‘,
‘मेरा  इस्तेमाल  करके’ ,’अच्छा  सबक  सिखाया  आपने ‘|

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