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अगर कड़ुवे वचन बोलते रहे’ तो ‘ प्रभु की कृपा’ ‘ घटने लगती है

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‘अगर कड़ुवे वचन बोलते रहे’ तो ‘ प्रभु की कृपा’ ‘ घटने लगती है’ ,
‘मीठे वचन’ ‘सबके मन को तृप्त करते है’ ,’ मन शांत होता है’ ,
‘खुद को’ ‘प्रभु पर न्योछावर कर’ ,’किसी दुःखी मन को राहत दे’ ,
‘भूले को’ ‘ सही रास्ता दिखा’ , ‘प्रभु’- ‘सभी को’ ‘तेरा प्यारा बना देगा ‘ |

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